लेखन-कला के अन्तर्गत कहानी, कविता, उपन्यास जैसी विधाओं में जहां किसी घटना, दृश्य अथवा व्यक्ति को काफी कोशिशों के द्वारा सामने लाया जाता है, वहां कार्टून में, व्यंग्य चित्रों में आसानी से यह काम रेखाएं कर जाती हैं… और यह कमाल मीता राय द्वारा निर्मित कार्टून- व्यंग्यचित्रों में देखा जा सकता है।
पायोनियर, अमर उजाला और अन्य कई स्तरीय पत्रिकाओं में राजनीति, समाज और व्यक्ति विशेष सन्दर्भों पर प्रकाशित मीता राय द्वारा खिंची रेखाएं जब बेबाक बोलने लगती हैं तब लगता है कि कला-प्रतिभा इस कलाकार के जीवन में जन्मजात उपहार स्वरूप आई है।
वैसी ही मजबूत पकड़ और सादगी उनकी कलम-कूची में भी है। मीता राय के बारे में इतना ही जान सका कि वह एक समर्पित दृष्टि सम्पन्न कलाकार है।
